छत्तीसगढ़

रायपुर भांठागांव बस स्टैंड पर मारपीट, ट्रेवल्स कर्मचारियों के बीच विवाद

Shantanu Roy
23 May 2026 7:52 PM IST
रायपुर भांठागांव बस स्टैंड पर मारपीट, ट्रेवल्स कर्मचारियों के बीच विवाद
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Raipur. रायपुर। भांठागांव बस स्टैंड क्षेत्र में 22 मई 2026 को दोपहर करीब 2:10 बजे ट्रेवल्स कर्मचारियों के बीच हुए विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। इस घटना में एक युवक घायल हो गया, जिसे सिर, होंठ और मुंह में चोटें आई हैं और खून निकलने की जानकारी सामने आई है। पीड़ित युवक हीरापुर जरवाय बीएसयूपी कॉलोनी में रहने वाला है और भांठागांव बस स्टैंड स्थित मुस्कान ट्रेवल्स में काम करता है। उसने बताया कि वह दोपहर के समय बस स्टैंड गेट नंबर 01 पर मौजूद था, जहां साईं ट्रेवल्स में काम करने वाले सुलतान हुसैन बस निकालने में देरी कर रहे थे।
पीड़ित के अनुसार, जब उसने बस को जल्दी निकालने के लिए कहा तो दोनों के बीच कहासुनी हो गई और सुलतान हुसैन वहां से चला गया। कुछ ही देर बाद स्थिति फिर से बिगड़ गई जब बस स्टैंड के रैंक नंबर 07 पर सुलतान हुसैन अपने एक अन्य साथी के साथ पहुंचा और उसे देखकर गाली-गलौज करने लगा। आरोप है कि विरोध करने पर दोनों आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी और हाथ-मुक्कों तथा बेल्ट से पीड़ित पर हमला कर दिया। इस हमले में उसे सिर, होंठ और मुंह में गंभीर चोटें आईं, जिससे खून बहने लगा।
घटना के दौरान मौके पर मौजूद विजय यादव और अशोक बढ़ई ने पूरी घटना को देखा और सुना। आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराने की कोशिश की, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में यह मामला बस संचालन और आपसी कहासुनी से जुड़ा बताया जा रहा है, जो बाद में मारपीट में बदल गया। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय बस स्टैंड क्षेत्र में इस घटना के बाद कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया था। यात्रियों और कर्मचारियों में भी हल्की अफरा-तफरी देखी गई। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान हो चुकी है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इससे पहले भी दोनों पक्षों के बीच कोई विवाद हुआ था। इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर कर्मचारियों के बीच अनुशासन और विवाद प्रबंधन की जरूरत को उजागर किया है।
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